चलती ट्रेन से कूड़ा फेंकने की घटना ने भारतीय रेलवे में हड़कंप मचा दिया है। हाल ही में एक सफाई कर्मी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह चलती ट्रेन से कचरा फेंकते हुए नजर आ रहा था। इस घटना ने न केवल रेलवे की छवि को धूमिल किया, बल्कि इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई का मार्ग भी प्रशस्त किया। रेलवे मंत्रालय ने इस
मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया और सफाई कंपनी पर जुर्माना भी लगाया।इस घटना के पीछे की कहानी यह है कि सफाई कर्मी कंचन लाल, जो कि एक ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग सेवा प्रदान करने वाली कंपनी के लिए काम कर रहा था, ने नियमों का उल्लंघन करते हुए कचरा बाहर फेंका। इस वीडियो के वायरल होते ही रेलवे प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और मामले की जांच शुरू की।
घटना का विवरण
तारीख | घटना |
28 फरवरी 2025 | सफाई कर्मी ने चलती ट्रेन से कचरा फेंका |
7 मार्च 2025 | रेलवे ने कर्मचारी को नौकरी से निकाला |
7 मार्च 2025 | ठेकेदार पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया |
चलती ट्रेन से फेंका कचरा, चली गई नौकरी
यह घटना 28 फरवरी 2025 को हुई थी जब गाड़ी संख्या 04115 सूबेदारगंज-लोकमान्य तिलक स्पेशल में सफाई कर्मी ने कचरा फेंका। वीडियो में देखा जा सकता है कि वह बिना किसी झिझक के कचरे को बाहर फेंक रहा था, जबकि कुछ यात्री उसे रोकने की कोशिश कर रहे थे।
रेलवे की प्रतिक्रिया
रेलवे मंत्रालय ने इस घटना पर कहा कि “भारतीय रेलवे राष्ट्र की सेवा के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है” और इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे ट्रेनों में सफाई के नियमों का पालन करें और किसी भी स्थिति में कचरा बाहर न फेंकें।
सफाई व्यवस्था
भारतीय रेलवे ने सभी ट्रेनों में कचरे के निपटान के लिए डस्टबिन स्थापित किए हैं ताकि यात्री अपनी सीट पर गंदगी न छोड़ें या चलती ट्रेन से बाहर कचरा न फेंकें। इसके बावजूद, यदि रेलवे स्टाफ ही नियमों का उल्लंघन करने लगे, तो यह एक गंभीर चिंता का विषय है।
निष्कर्ष
इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय रेलवे सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति कितनी गंभीर है। रेलवे प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करके यह संदेश दिया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Disclaimer: यह घटना वास्तविक है और इसमें रेलवे कर्मचारी द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया था। भारतीय रेलवे ने इस पर उचित कार्रवाई करते हुए कर्मचारी को नौकरी से निकाला और ठेकेदार पर जुर्माना लगाया।