केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ता (Dearness Allowance – DA) और एरियर से जुड़ी खबरें हमेशा चर्चा में रहती हैं। हाल ही में, मोदी सरकार ने DA वृद्धि और 18 महीने के एरियर को लेकर बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले ने जहां कुछ लोगों को राहत दी है, वहीं कुछ सवाल भी खड़े किए हैं। आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं।
What is DA Hike and Arrear?
महंगाई भत्ता (DA) सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को उनके वेतन में महंगाई की भरपाई के लिए दिया जाता है। यह एक निश्चित प्रतिशत होता है जो बेसिक सैलरी पर लागू होता है। DA वृद्धि साल में दो बार, जनवरी और जुलाई में की जाती है।
DA Arrear वह राशि होती है जो DA वृद्धि के बाद पिछली अवधि के लिए कर्मचारियों को दी जाती है। उदाहरण के तौर पर, अगर जनवरी में DA बढ़ाया गया और मार्च में इसकी घोषणा हुई, तो जनवरी और फरवरी का एरियर कर्मचारियों को दिया जाता है।
DA Hike 2025 Overview
विवरण | जानकारी |
वर्तमान DA प्रतिशत | 53% |
DA वृद्धि की संभावना | 2% से 4% |
नई DA दर | 55% से 57% |
लागू तिथि | 1 जनवरी 2025 से |
एरियर भुगतान अवधि | जनवरी से मार्च 2025 तक |
लाभार्थी संख्या | लगभग 12 मिलियन कर्मचारी व पेंशनर्स |
कैबिनेट का फैसला: क्या हुआ तय?
हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में केंद्र सरकार ने DA को मौजूदा 53% से बढ़ाकर 55% करने का फैसला किया। यह वृद्धि जनवरी 2025 से प्रभावी होगी, और कर्मचारियों को मार्च के वेतन के साथ तीन महीने का एरियर भी मिलेगा।
हालांकि, 18 महीने के एरियर (जुलाई 2020 से जनवरी 2021) को लेकर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इसे जारी करना वित्तीय रूप से संभव नहीं है। कोविड महामारी के दौरान आर्थिक संकट के कारण यह एरियर रोक दिया गया था।
DA Hike का असर
DA वृद्धि सीधे तौर पर कर्मचारियों और पेंशनर्स की आय में इजाफा करती है। उदाहरण के तौर पर:
- अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹20,000 है, तो 2% वृद्धि पर उसे ₹400 प्रति माह अधिक मिलेगा।
- इसी तरह, ₹50,000 बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी को ₹1,000 प्रति माह का लाभ होगा।
DA Hike और Inflation का संबंध
महंगाई भत्ता (DA) की गणना ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर की जाती है। यह इंडेक्स महंगाई दर को दर्शाता है। अगर महंगाई बढ़ती है, तो DA में वृद्धि की जाती है ताकि कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहे।
18 महीने का एरियर: क्यों नहीं मिला?
केंद्र सरकार ने जुलाई 2020 से जनवरी 2021 तक के तीन DA किस्तों को रोक दिया था। इसके पीछे मुख्य कारण कोविड महामारी के दौरान आर्थिक दबाव था।
सरकार ने संसद में यह स्पष्ट किया कि:
- इन एरियर को जारी करना वित्तीय रूप से संभव नहीं है।
- इससे सरकारी खजाने पर भारी बोझ पड़ेगा।
हालांकि, कर्मचारी संघों ने इसे उनका अधिकार बताते हुए मांग उठाई कि यह राशि जल्द जारी की जाए।
18 महीने के एरियर से जुड़े मुख्य बिंदु
- यह एरियर तीन किस्तों (जनवरी 2020, जुलाई 2020, और जनवरी 2021) का था।
- कुल राशि लगभग ₹34,400 करोड़ आंकी गई थी।
- सरकार ने इसे जारी करने से इनकार कर दिया है।
क्या कहता है कर्मचारी संघ?
कर्मचारी संघों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि:
- 18 महीने का एरियर जल्द जारी किया जाए।
- भविष्य में ऐसी स्थिति न बने इसके लिए ठोस योजना बनाई जाए।
- नए वेतन आयोग (8th Pay Commission) में कर्मचारियों की मांगों को शामिल किया जाए।
8th Pay Commission की भूमिका
8th Pay Commission जनवरी 2026 से लागू होगा। इसमें वेतन संरचना और महंगाई भत्ते को लेकर नए नियम बनाए जाएंगे।
निष्कर्ष: क्या होगा आगे?
DA वृद्धि केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक राहतभरी खबर है। हालांकि, 18 महीने का एरियर न मिलने से असंतोष भी बना हुआ है।
सरकार ने वित्तीय संकट का हवाला देते हुए इसे अस्वीकार कर दिया है, लेकिन कर्मचारी संघ अभी भी इसे लेकर सक्रिय हैं।
Disclaimer:
यह लेख केवल जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक घोषणाओं और सूचनाओं की पुष्टि करें।